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एड्स क्या है ? और यह कैसे होता है ?

दुनिया के सबसे घातक बीमारियों में एक है एड्स. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इस रोग भारत में प्रत्येक वर्ष 10 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हो रहे हैं. इस बीमारी का मुकम्मल इलाज अभी मुमकिन नहीं हो पाया है लेकिन कुछ रिसर्च हो रहे हैं . जिससे आप उम्मीद कर सकते हैं कि भविष्य में इसका एक मुकम्मल इलाज हो .

एड्स क्या है
एड्स एक सिंड्रोम है और बीमारी नहीं है, यह पढ़ आप जरूर हैरान हो गए होंगे. एड्स का फुल फॉर्म एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशियेंसी सिंड्रोम (AIDS) है ! बीमारी और सिंड्रोम में क्या फर्क है ?

एचआईवी एड्स

जब हमारे शरीर का कोई अंग सही से काम नहीं करता है और उसके लक्षण दिखने लगते हैं उसे हम बीमारी कहते हैं . जबकि सिंड्रोम का मतलब होता है कि आप का वह अंग नहीं रहा और उसके ज्यादा लक्षण आपको नहीं दिख रहा है .

एचआईवी ( ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेंसी वायरस) वायरस के संक्रमण से मनुष्य में एड्स होता है. एचआईवी मनुष्य की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून) को खत्म देता है. जिससे मनुष्य अन्य बीमारियों से लड़ने की ताकत को खो देता है. इसीलिए एड्स को सिंड्रोम कहते हैं. एड्स से बीमार आदमी को कोई अन्य बीमारी हो जाए तो ज्यादातर चांस होता है कि उस बीमारी का इलाज नहीं हो पाएगा. इसलिए आप कह सकते हैं कि एड्स का मरीज़ एड्स के कारण नहीं मरता है, वह तो किसी अन्य बीमारियों या संक्रमण या दोनों से मरता है .

 

एचआईवी एड्स खतरनाक कैसे

एचआईवी वायरस मूल रूप से आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करता है और प्रतिरक्षा प्रणाली कार्य करना कम या बंद कर देता है.

एक बार प्रतिरक्षा प्रणाली गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो जाने पर, आपके शरीर संक्रमण और कैंसर से लड़ने की क्षमता खो देता है.

प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यूनिटी सिस्टम आपके शरीर का कितना मजबूत है, आप अपने सीडी 4 कोशिकाओं की गिनती से जान सकते हैं ! एक स्वस्थ मनुष्य में सीडी 4 कोशिकाओं की संख्या 500 से 1,600 प्रति घन मिलीमीटर के बीच में होता है !

एड्स के मरीजों में सीडी 4 कोशिकाओं की संख्या 500 प्रति घन मिलीमीटर से कम हो जाता है, जिसके कारण अवसरवादी संक्रमण रोगजनकों (बैक्टीरिया, वायरस, कवक,या प्रोटोजोआ) के कारण संक्रमण होते रहते हैं .

एड्स कैसे होता है

अब तो आप जान चुके होंगे कि एड्स, HIV विषाणु के कारण होता है ! अब मैं आपको बताना चाहता हूं कि एचआईवी वायरस का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्तियों तक कैसे पहुंचता है !

एचआईवी वायरस को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचने के लिए (संक्रमण) माध्यम की आवश्यकता होती है ! यह माध्यम हो सकता है – रक्त (मासिक धर्म रक्त सहित), वीर्य (सीमेन), योनि स्राव और स्तन का दूध ! वायरस की उच्चतम सांद्रता रक्त में पाई जाती है, इसके बाद वीर्य, ​​योनि तरल पदार्थ, और फिर स्तन दूध द्वारा पाया जाता है।

 एचआईवी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक

यौन संपर्क का कोई भी रूप जिसमें वीर्य, ​​प्री-सह, योनि तरल पदार्थ या रक्त शामिल हो ।
संक्रमित रक्त – खासतौर पर संक्रमित इंजेक्शन साझा करने या संक्रमित रक्त चढ़ाने से
नशीली दवाईयां एवं पदार्थ इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन
एच.आई.वी. संक्रमित व्यक्तियों से अंग दान लेने से.
एच.आई.वी. संक्रमित व्‍यक्ति व्यक्तियों का इस्तेमाल किया गया बसेड व रेजर आदि से भी एड्स हो सकता है !
जन्म के दौरान या जन्म से पहले या स्तन दूध के माध्यम से बच्चे को एड्स हो सकता है .
एचआईवी संक्रमण होने के चांस , सबसे ज्यादा किस को है

एड्स होने के चांसेस सबसे ज्यादा किसे है ?

आपको बता दूं कि एचआईवी संक्रमण आयु, जाति, लिंग और स्थान से कोई मतलब नहीं है ! उन लोगों को ज्यादा चांस है कि एड्स का संक्रमण हो –

असुरक्षित यौन संबंध या वेश्यावृत्ति या अनेक यौन संबंध पार्टनर रखता हो.
जननांग क्षेत्र में घाव से संक्रमण हो सकता है, ऐसे पार्टनर के साथ जो यौन संबंध रखता हो.
नशीली पदार्थ एवं ड्रग्स लेते समय जो इंजेक्शन को साझा करते हो.
ब्लेड, रेजर व अस्तूरा दूसरे का इस्तेमाल किया हुआ फिर उसे वह यूज़ करता हूं.
एड्स से पीड़ित माताओं से जन्म लेने वाला शिशु या दूध पीने वाला शिशु.

AIDS in Hindi के लेख आपको समझ में आ गया होगा कि एड्स क्या है और एड्स कैसे होता है. दोस्तों, इस ज्ञान का सिर्फ परीक्षाओं में ही इस्तेमाल ना करें, इसे अपने और साथियों के जीवन में भी जरूर इस्तेमाल करें .