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करीब 30 साल पुराना है एड्स का इतिहास, ये हैं इससे बचने के तरीके

दुनिया भर में आज यदि किसी बीमारी को सबसे गंभीर बीमारी माना जाता है तो वह है “एड्स”. एड्स का इतिहास वैसे तो कई सालों पुराना है लेकिन कहा जाता है कि एड्स की खोज करीब 30 सालों पहले ही हो चुकी थी. एड्स को एक ऐसी बीमारी कहा जाता है जिसका इलाज संभव नहीं है लेकिन कई उपाय ऐसे हैं जिससे इसकी रोकथाम की जा सकती है. इस गंभीर बीमारी के बारे में लोगों को जागरुक करने के लिए हर साल 1 दिसंबर को वर्ल्ड एड्स डे के रूप में मनाया जाता है.

बता दें कि करीब 30 सालों से दुनियाभर के डॉक्टर्स इस बीमारी के बारे में जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं. कहा जाता है कि जानकारी हासिल करने के चलते अब तक 3 करोड़ से अधिक लोगों ने एड्स के कारण अपनी जान तक गवा दी है. सुनने को मिलता है कि 19वीं सदी में एड्स को सबसे पहले जानवरों में देखा गया था. इस दौरान कई लोग जानवरों का मांस खाते थे जिससे यह बीमारी जानवरों से इंसानों में भी देखी जाने लगी.

सबसे पहले 1959 में एक बीमार व्यक्ति के खून का नमूना लिया गया उसके उसके खून में HIV का वायरस पाया गया. यह कहा जाता है कि यह व्यक्ति प्रथम एचआईवी संक्रमित व्यक्ति था. यानी कि तब से लेकर अब तक HIV से लड़ने की सारी जानकारियां हासिल की जा रही है लेकिन अभी तक इस में किसी को भी सफलता हासिल नहीं हो पाई है. इसके बाद से विश्व भर के लोगों में इसको लेकर जागरूकता फैलाने के लिए कई अभियानों की भी शुरुआत की थी. जागरुकता अभियान के दौरान कुछ उपाय इस प्रकार दिए गए:

1. अपने साथी से यौन संबंध बनाने के दौरान कंडोम का उपयोग किया जाए.

2. डॉक्टरों को यह सुझाव दिया गया कि एक इंजेक्शन सिरिंज का उपयोग दूसरी बार ना करें.

3. एचआईवी संक्रमित रोगी के खून से अपने खून को संपर्क में ना आने दे.

4. दाढ़ी बनवाते वक्त ध्यान रखें कि किसी और की उपयोग की हुई ब्लेड को आप उपयोग ना करें.

साथ ही यह भी बताया गया एड्स छूने से नहीं फैलता है अतः एचआईवी HIV के रोगी के साथ गलत व्यवहार ना करें.