दिन में तीन बार ही जा सकते हो टॉयलेट, पढ़िए हैरान कर देने वाले स्कूल नियम

ajab gajab

जब हम छोटे थे और स्कूल जाते थे, तब भले ही हमें स्कूल की लाइफ अच्छी नहीं लगती थी. लेकिन आज जब बढ़े होने के बाद हम अपने स्कूल के दिनों को बहुत याद करते है. हम अक्सर ऐसा सोचते है कि काश वह दिन वापस लौट कर आ जाएँ. उस समय की यादें आज भी हमको इमोशनल कर देती हैं. आपकी स्कूल से बहुत प्यारी यादें जुडी होगी. मस्ती करने पर मुर्गा बनाना या फिर लेट आने पर बाहर खड़े रखना सब कुछ जब भी हम याद करते है, हमारे चेहरे पर एक अलग ही चमक आ जाती है. वैसे हर स्कूल में सजा देने के तरीके अलग-अलग होते है. आज हम आपको दुनिया के अलग-अलग स्कूलों के कुछ ऐसे नियम बताने जा रहे है, जिनके बारे में सुनकर आप जरुर सोचेंगे कि अच्छा हुआ यह नियम हमारे स्कूल में नहीं थे.

 

बेस्ट फ्रेंड नॉट अलाउड

हमारे स्कूल में कई सारे दोस्त होते थे, उनमे से कुछ बेस्ट फ्रेंड होते थे. जिनसे हम अपने दिल की हर बात शेयर करते थे. लेकिन आपको पढ़कर आश्चर्य होगा कि इंग्लैंड के स्कूलों में नियम है कि आप स्कूल में बेस्ट फ्रेंड नहीं बना सकते. वहां बच्चों को सिखाया जाता है कि आप बड़े सर्कल में लोगों से दोस्ती करें. अब इसके पीछे क्या कारण है यह मुझे समझ नहीं आया, अगर आपको समझ आया हो तो कमेंट बॉक्स में बताएं.

 

मटर वाली सजा

जब स्कूल में हमें सजा दी जाती थी तो हमें मुर्गा बना दिया जाता था या फिर बाहर खड़े कर दिया जाता था. लेकिन एशिया में कुछ स्कूल ऐसे भी है जहाँ पर बच्चों को सजा के तौर पर फ्रोज़न (बर्फ से जमे हुए) मटर के दानों पर घुटने टेककर खड़ा होना पड़ता है.

 

टॉयलेट जाने पर पाबंदी

‘Chicago’ के एक स्कूल में नियम है कि बच्चे स्कूल के समय में सिर्फ तीन बार ही टॉयलेट जा सकते है. इसके पीछे स्कूल प्रशासन का तर्क है कि बार-बार टॉयलेट जाने से बच्चों का समय ख़राब होता है. अरे भाई किसी को चौथी बार आ जाएँ तो?

 

हाथ उठाना मना है

वैसे तो मैं पढाई में इतना अच्छा था नहीं लेकिन बचपन के दिनों में जब भी टीचर कोई सवाल पूछती और मुझे उसका जवाब पता होता था तो मैं झट से हाथ ऊपर उठा देता, लेकिन अब ऐसा नहीं है. अब कई ऐसे स्कूल है जहाँ पर ऊपर हाथ उठाना सख्त मना है.

 

और भी है

ऑस्ट्रेलिया और यूके के कुछ स्कूलों में टीचर्स, बच्चों की कॉपी में लाल रंग की स्याही का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं, वहीँ टोक्यो के स्कूल में पढने वाले बच्चे अपने बालों में कलर का इस्तेमाल नहीं कर सकते क्यों कि इससे बाल ख़राब हो सकते है. वहीँ चीन के स्चूलों में ऐसा नियम है कि बच्चों को स्कूल समय में आधा घंटा सोने की इजाजत होती है. यदि आपकी भी स्कूल में कोई ऐसा नियम रहा हो जो अन्य स्कूलों से अलग हो, तो हमें ये बात कमेंट्स के जरिए जरूर शेयर करें.

Source:- gyanchand.wittyfeed

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