कभी कुंदन ज्वेलरी बेचकर किया था अक्षय ने गुजारा, जानिए अनोखी कहानी

मायानगरी मुंबई सपनों का शहर कही जाती हैं जहाँ हर रोज लगभग 20 हजार लोग मुम्बई में आते हैं और यहीं आकर बस जाते हैं. यहाँ पर ज्यादातर लोग फिल्मो में अभिनय करने का सपना लेकर आते हैं. एसा ही एक सपना लेकर आये थे चांदनी चौक के राजीव भाटिया. अगर आपको यह समझ नहीं आया की यह राजीव भाटिया कौन था तो बता दे कि हम बॉलीवुड के खिलाडी अक्षय कुमार की बात कर रहे हैं. आज अक्षय बॉलीवुड के उन सुपरस्टार्स की लिस्ट में शुमार हैं जिनकी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर आते से हैं सुपरहिट हो जाती हैं. लेकिन एक समय एसा था जब अक्षय को सेफ की नौकरी करते हुए अपना गुजारा करना पड़ता था. आइये जानते हैं अक्षय की दिचास्प स्टोरी.

 

सेफ के साथ साथ ज्वेलरी बेचकर गुजारा करते थे अक्षय

बॉलीवुड के खिलाडी अक्षय कुमार की हर साल 3 से 4 फिल्मे रिलीज होती हैं और उनकी हर फिल्म सुपरहिट होती हैं. लेकिन एक समय अक्षय कुमार को अपना गुजरा करने के लिए शेफ तक की नौकरी करना पड़ी थी. दरअसल दिल्ली के चांदनी चौक रहने वाले अक्षय काम के लिए बैंकोक चले गए थे, जहाँ अपना गुजरा करने के लिए वे शेफ बन गए थे, इतना ही नहीं उन्होंने कार्ड बेचने से लेकर कुंदन ज्वेलरी बेचने तक का काम किया. लेकिन अखीर में उन्हें सफलता मिली मायानगरी मुंबई में. पंजाब में जन्मे अक्षय जो की एक नॉन फ़िल्मी बेकग्राउंड से हैं वो आज फिल्मो के सुपरस्टार बन चुके हैं और बॉलीवुड पर राज कर रहे हैं.

 

गोविंदा की बात सुनकर किया फिल्मो में काम

आपको बता दे कि अक्षय का सपना नेवी या आर्मी में जाने का था वे हीरो नहीं बनना चाहते थे, लेकिन बैंकोक से भटकते हुए मुंबई आये तब उन्होंने फिल्मो में काम करने के लिए काफी चक्कर काटे लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली. आखिरकार अक्षय एक फोटोग्राफर के असिस्टेंट बन गए और एक दिन जब वे गोविंदा के घर उन्हें फोटो देने गए तब गोविंदा ने उन्हें देखकर कहा की तुम हीरो क्यों नहीं बन जाते. यही बात अक्षय को जम गई और उन्होंने फिल्मो में काम करने का निश्चय कर लिया. और आज उनका यही निश्चय उन्हें आज एक सफल हीरो के रूप में पहचान दिला चूका हैं.