जानिए जब कोई पैर छुए तो क्या करना चाहिए, क्या है इसके फायदे

Ahmedabad: Gujarat Chief Minister Narendra Modi (R)seeks blessings from his mother Narmada Bai before starting his three-day 'sadbhavna' fast for peace and harmony, in Ahmedabad on Saturday. PTI Photo (PTI9_17_2011_000019B)

हम जब कभी किसी के घर जाते है या फिर हमारे घर कोई मेहमान आता है तो हम सबसे पहले उनके पैर छुते है. हमारे यहाँ बड़े लोगों के पैर छूने की परम्परा है. ऐसा हम बड़ों के प्रति अपना सम्मान जाहिर करने के लिए करते है. हालाँकि पैर छूने को लेकर हमारे शास्त्रों में कई तरह के नियम भी बनाए गए है. इसके अलावा इसके वैज्ञानिक कारण भी है. चलिए आज हम आपको बताते है कि पैर छूने को लेकर क्या कारण है और जब कोई आपके पैर छुए तो आपको क्या करना चाहिए.

 

भगवान का नाम ले

शास्त्रों में बताया गया है कि जब कोई व्यक्ति आपके पैर छूता है तो उसे आशीर्वाद और शुभकामनाए तो दे ही, साथ में भगवान का नाम भी ले. दरअसल इसके पीछे बड़ी वजह यह है कि जब कोई आपके पैर छूता है तो आपको दोष लगता है. ऐसे में उस दोष से मुक्ति पाने के लिए भगवान का नाम ले. इससे पैर छूने वाले व्यक्ति के पुण्य में भी बढोत्तरी होती है.

 

वैज्ञानिक कारण

पैर छूने के पीछे वैज्ञानिक कारण भी छिपा है. जैसे कि तीन तरह से पैर छुए जाते हैं. पहले झुककर पैर छुना, दूसरा घुटने के बल बैठकर तथा तीसरा साष्टांग प्रणाम. अगर आप झुककर प्रणाम करते हो तो आपकी रीड और कमर की हड्डी को आराम मिलता है. घुटने के बल बैठकर प्रणाम करने से सारे जोड़ों को मोड़ा जाता है, जिससे उनमे होने वाली स्ट्रेस से हमें राहत मिलती है. तीसरे तरीके में सारे जोड़ थोड़ी देर के लिए तन जाते है, जिससे भी स्ट्रेस दूर होता है. इसके अलावा झुकने से सिर में रक्त प्रवाह बढ़ता है, जो स्वास्थ्य और आंखों के लिए लाभप्रद होता है.

 

अहंकार होता है कम

प्रणाम करने का एक फायदा यह भी है कि इससे आपका अहंकार कम होता है. किसी के पैर छुना यानी उसके प्रति समर्पण भाव जगाना, जब मन में समर्पण का भाव आता है तो अहंकार स्वत: ही खत्म होता है. इसके अलावा आप जिस व्यक्ति के पैर छू रहे हो, उसके मन में आपके लिए सकारात्मकता आती है. इसलिए बड़ों को प्रणाम करने की परंपरा को नियम और संस्कार का रूप दे दिया गया.