डॉक्टर गूगल आपकी सेहत को ख़तरे में डाल सकता है, जानिए कैसे

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आजकल की भागदौड़ भरी जिन्दगी और इस डिजिटल वर्ल्ड में हम इतना बिजी हो गए हैं कि छोटी-छोटी चीज़ों जैसे शॉपिंग, मेल-जोल, नई चीज़ें सीखने या किसी बीमारी से जल्दी आराम पाने के लिए दवा ढूंढ़नी हो तो इंटरनेट पर भरोसा करते हैं.

 

डॉक्टर गूगल सेहत को ख़तरे में डाल सकता है

जी हाँ आज के समय में बहुत से लोग डॉक्टर गूगल के सहारे ही अपनी जिन्दगी जी रहे है. क्योंकि आजकल हमें कभी भी कही भी सिर्फ एक अंगुली घुमाते ही समाधान जो मिल जाते हैं, इसलिए गूगल अब डॉक्टर गूगल में बदल गया गया है. कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है कि यह कितना आसान और समय बचाने वाला लगता है, मगर सेल्फ़-डायग्नोसिस करना और दवाई ढूंढ़ना आपकी सेहत को ख़तरे में डालता है. आपको बहुत से साइड-इफेक्ट्स भी हो सकते हैं.

 

खुद ही ख़तरा मोल ना ले

ख़ुद ही बीमारी का पता लगाने का मतलब है कि आप मिसडायग्नोसिस का ख़तरा मोल ले रहे हैं. साथ ही साइकोलॉजिकल सिंड्रोम्स होने की आशंका का भी. आपके लक्षणों और पी.ओ.पी. दवाइयों का ग़लत अर्थ निकालने की ज़्यादा संभावना है, जिनका शायद कोई असर न हो, क्योंकि वास्तविक समस्या कुछ और है. यह आपके मा‍नसिक स्वास्थ्य को हानि पहुंचा सकता है, क्योंकि कई बार जब लक्षण एक जैसे होते हैं, तो लोग डर जाते हैं. स्वास्थ्य परेशानियां वास्तविकता से ज़्यादा डरावनी नज़र आती हैं और वे ग़लत दवाएं ले लेते हैं, जो गंभीर साइड-इफेक्ट को जन्म दे सकता है. हर चीज़ के लिए इंटरनेट से परामर्श लेते समय सावधानी बरतना बहुत ही जरुरी होता है.

 

न करें ख़ुद डाक्टर बनने की भूल

हम तो आपसे यही कहना चाहेंगे कि ख़ुद डॉक्टर बनने की भूल कभी ना करे, मरीज़ को उन्नत व्यक्तिगत और सही इलाज के लिए तुरंत अपने डॉक्टर के पास जाना चाहिए और सभी चीज़ों के बारे में बारीक़ी से चर्चा भी करनी चाहिए.