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हर बातचीत बदल जाती है झगड़े में? ना करें ये गलतियां!

कई बार ऐसा होता है कि हम किसी अपने खास से बात कर रहे होते हैं और हमारी बातचीत झगड़े का रूप धारण कर लेती हैं. कई बार या तो हम दूसरों की बातों को गलत समझ लेते हैं या हमें गलत समझ लिया जाता है. किसी भी रिश्ते में गैर-जरूरी झगड़ों से बचना बहुत जरूरी है. आइए जानते हैं कैसे इन झगड़ों से बचा जाए…

1- खास बातचीत के लिए अच्छा वक्त तलाशें फिर बात करें

परिवार में अपनों के लिए दिन या रात में बातचीत के लिए रोज एक ऐसा वक्त जरूर निकालें जब आप दोनों के दिमाग में और बातें ना चल रही हों. आप दोनों एक-दूसरे से अच्छी तरह बात कर सकें और किसी तरह का डिस्टर्बेंस ना हो.

2- बातचीत करते समय एक-दूसरे को बीच में ना रोकें-

अधिकतर हमारी कोशिश यही रहती है कि हमारी बात सुनी जाए. हमारा ध्यान इस बात पर नहीं रहता है कि हम सामने वाले की बात सुनें. यह बहुत ही गलत तरीका है. आप अपनी बात रखें लेकिन दूसरे की बात खत्म होने के बाद. यही बातचीत करने का सबसे अच्छा तरीका है.

3-बातचीत के बीच में उठकर ना चले जाएं-

अक्सर हम गुस्से में या झल्लाहट में बातचीत के बीच उठकर चले जाते हैं जोकि सही नहीं है. इससे स्थिति और खराब हो जाती है और लड़ाई वहीं की वहीं अनसुलझी रह जाती है. अगर किसी मुद्दे पर बात कर रहे हैं तो उसे पूरा करें.

4-जवाब देने से ज्यादा समझने की कोशिश करें-

यह कोई ऐसी लड़ाई नहीं है जिसमें किसी एक की जीत जरूरी है. अगर आप किसी लड़ाई में जीतने के लिए बहस कर रही हैं तो भले ही कुछ पलों के लिए आपको अच्छा महसूस हो जाए लेकिन इससे समस्या नहीं सुलझने वाली है. इसलिए दूसरों को जवाब देने की कोशिश में लगे रहने के बजाए उनकी बात समझने की कोशिश करें.

5-शब्दों के खेल ना खेलें-

आप जो कहना चाहते हैं, वही कहें. घुमा-फिराकर बात बिल्कुल ना करें. दूसरी तरफ आप यह उम्मीद भी ना करें कि आपके बिना कहे ही दूसरा शख्स आपके मन की बात समझ ले.