कवि की कलम से 2 – मैंने आँखों में सुर्ख सुरमई ख्वाब बुना, शुक्रिया मेरे दोस्त जो तूने मुझे चुना। 

कवि की कलम से 2 – मैंने आँखों में सुर्ख सुरमई ख्वाब बुना, शुक्रिया मेरे दोस्त जो तूने मुझे चुना। 
Source: Reader’s ChoicePublished on 2018-05-17