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मिल गया खर्राटे को जड़ से बंद करने का उपाय

वैसे तो नींद से जुड़ी समस्याएं कई हो सकती हैं.किन्तु खर्राटे आना सबसे आम है.यह खुद के साथ-साथ दूसरों के लिए भी परेशानी का कारण बन जाती है.

इसलिए आते हैं खर्राटे

खर्राटे सांस में रुकावट पैदा होने से जीभ के पिछले भाग, तालु, टॉन्सिल के किनारो के कम्पन से पैदा होने वाली एक प्रकार की आवाज है. लोगो के ये अंग ज्यादा मांसल होते हैं उनमे आवाज ज्यादा पैदा होती है.मोटे लोगों, पुरुषो व उम्र बढ़ने के साथ-साथ ज्यादा आते हैं.

लक्षण

यदि रात में सांस न ले पाने या दम घुटने की वजह से बार-बार नींद उड़ जाती है.नींद कई टुकडों में आती है.लेकिन प्राय: इसका खुद मरीज को पता ही नहीं चलता.इसे परिवार के लोग समझ सकते हैं.नींद से जागने के बाद भी सुबह तरोताजा महसुस न हो बल्कि थकान, सिरदर्द, व आलस्य से घिरे रहते हो.खर्राटे की आवाज से दूसरो को इतनी दिक्कत हो कि जीवन साथी ही दूसरे कमरे में सोने को विवश हो जाए.

इन बातों का ध्यान रखना शुरू कर दे

पीठ के बल सीधे सोने की बजाय एक तरफ करवट लेकर लेटना चाहिए.मोटापा कम कर वजन संतुलित करना चाहिए.शराब सेवन व नींद की गोलीयों से बचे.ये चीजें गले व तालु की मांसपेशियों को ढीला कर देती है जिससे कंपन बढ़ जाते हैं.रोजाना नियमित समय पर सोना और उठना चाहिए.रात्रि को चाय, कॉफी लेने से बचना चाहिए.

फायदेमंद व्यायाम

कपाल भाति, अनुलोम विलोम जैसे प्राणायाम करने से भी खर्राटों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है.इसके साथ ही गर्दन के मूवमेंट वाली एक्सरसाइज करे इससे गर्दन की मांसपेशियों में फ्लेक्सिब्लिटी बढ़ती है.