इन चार स्त्रियों का आप करते हो अपमान तो हमेशा रहेंगे परेशान, जानिए

भारतीय संस्कृति में लोग महिलाओं को कई देवियों का रूप मानते है ये देवियां लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा है. महिलाएं वाकई में देवी का रूप होती है क्योंकि जैसे ही किसी के भी घर में स्त्री के चरण पड़ते है वैसे ही उस घर में सुख शांति और उद्धार होने लगता है. अथर्ववेद में भी स्त्रियों के बारे में बहुत कुछ वर्णन किया गया है.

यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता।
यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफला: क्रिया।

 

इसका अर्थ यह होता है कि जहां पर स्त्रियों का मान-सम्मान और आदर-भाव होता है उस स्थान पर देवता भी निवास करते है. और जिस जगह पर स्त्रियों का अनादर और धिक्कारते है तो वह स्थान पर देवता वास नहीं करते है. और उस घर के काम बिगड़ते रहते है. लेकिन कई जगहों पर अभी भी स्त्रियों का सम्मान नहीं किया जाता है यहां तक कई राज्यों में में भ्रूण हत्या के मामले लगातार सामने आते रहते हैं. महिलाओं को अभी भी परिवार पर बोझ और भोग की चीज के नजरिए से देखा जाता है.

 

राम चरित मानस की बात

वैसे तो महिलाओं का सम्मान हर जगह होना चाहिए लेकिन तुलसीदास द्वारा रचित राम चरित मानस में चार स्त्रियों के सम्मान की बात का काफी उल्लेख किया है. इसके अनुसार यदि आदमी इन चार स्त्रियों का अपमान करता है तो वह आदमी अपनी जिंदगी में हमेशा परेशान रहता है. और उस आदमी के बने काम बिगड़ते रहते है. उस आदमी के जीवन में दरिद्रता और आर्थिक तंगी अधिक आती है.

 

आइये जानते है वें चार महिलाएं कौन है-

  • आपके घर जो महिला बहु बनकर आती है उस स्त्री का कभी अनादर न करें नहीं तो आपके जीवन कई विपत्तियां आ जाएगी.
  • भूलकर भी कभी अपने बड़े भाई की पत्नी की मान-सम्मान को कभी ठेस न पहुंचाए और उनका भी अपमान न करें
  • हर भाई अपनी बहन की रक्षा की कसम खाता है लेकिन किसी बड़ी वजह के कारण यदि आपकी झड़प हो जाती है तो आप उसका अपमान न करें.
  • हर घर में बेटियां प्यार और स्नेह की हक़दार होती है. लोगों को केवल अपनी बेटियों का सम्मान नहीं करना चाहिए बल्कि सभी की बेटियों का सम्मान करना चाहिए.