धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इन 7 पर भूलकर भी न करें शक !

ऐसा कहा जाता है कि इंसान जैसा सोचता है वैसा उसके साथ हो जाता है. इसलिए हर इंसान को अच्छी सोच रखनी चाहिए. ग्रंथो के मुताबिक 7 लोगों के बारे में उल्लेख किया गया है कि यदि इन लोगों पर भरोसा नहीं करते है तो सकारात्मक परिणाम नहीं मिलते है. आइये हम जानते है कि ये 7 लोग कौन है-

श्लोक

देवे तीर्थे द्विजे मंत्रे दैवज्ञे भेषजे गुरौ।
याद्रशी भावना यस्य सिद्धिर्भवति ताद्रशी

 

  • भगवान


सभी लोग देवी-देवताओं को लेकर 2 प्रकार की सोच पाई जाती है पहला आस्तिक और दूसरा नास्तिक. जो व्यक्ति भगवान पर विश्वास करते है वह आस्तिक होता है और जो व्यक्ति भगवान पर विश्वास नहीं करते हो तो वह व्यक्ति नास्तिक होता है. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि भगवान की आराधना करने के बावजूद हमारे काम लागेतार बिगड़ते तो लोगों का देवी-देवताओं से भी विश्वास खत्म होने लगता है.

 

  • डॉक्टर

लोगों के अनुसार डॉक्टर भगवान का रूप होते है क्योंकि डॉक्टर इंसान की बड़ी से बड़ी बिमारियों का इलाज करते है.  लेकिन कई बार ऐसा होता है कि डॉक्टरों को लेकर हमारी सोच नकारात्मक हो जाती है. इसका कारण यह है कि लगेतार इलाज करवाने के बाद कोई राहत नही मिलती है.

 

  • गुरु


जीवन में सफल होने के लिए किसी हर व्यक्ति का गुरु होना बेहद आवश्यक होता है. गुरु का यह कर्तव्य होता है अपने शिष्य को सही मार्ग पर ले जाता है. जो व्यक्ति अपने गुरु की शिक्षा पर विश्वास नही करता है तो उस व्यक्ति को जीवन कई सारी विपत्तियों का सामना करना पड़ता है.

 

  • तीर्थ

ऐसा कहा जाता है कि तीर्थ स्थलों में भगवान का वास होता है. हिन्दू धर्म में कई ऐसे स्थान है जहां पर भगवान ने वास किया था. लेकिन इन तीर्थ स्थलों पर जाने में कई सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है इस कारण से भक्तों की तीर्थ स्थानों पर जाने को लेकर सोच नकारात्मक हो जाती है.

 

  • पंडित या ज्ञानी


शास्त्रों के अनुसार पंडितो और ज्ञानियों का बेहद महत्व बताया गया है, किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए हम पंडितों को पूजा-पाठ के लिए आमंत्रित करते है. पंडितो के द्वारा किसी भी पूजा पाठ करवाई जाती है. वह पूजा-पाठ पुरानी परंपराओं के मुताबिक की जाती है. लोग पूजा-पाठ तो पुरानी परंपरा के मुताबिक करते है लेकिन पंडितों का आदर बहुत कम लोग करते है.