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गीता के ज्ञान से संवारे जीवन..

धर्म जीवन को सही पद्धति से जीने के लिए राह दिखाते हैं। हर धर्म में धार्मिक ग्रंथ होते हैं जो मनुष्य को सह गलत, नैतिक अनैतिक व सत्य एवं मनुष्यता के बारे में ज्ञान देते हैं। गीता भी ऐसा ही ग्रंथ है, लेकिन इसे केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं माना जाता, बल्कि कहा जाता है कि गीता में जीवन से जुड़े सभी पक्षों पर पर्याप्त ज्ञान प्रदान किया गया है। तो आईये आज जानते हैं गीता में लिखी ऐसे कुछ बातें जिनपर अमन कर हम अपने जीवन में सुख और सफलता प्राप्त कर सकते हैं –

1. क्रोध पर काबू पाना बेहद जरूरी है। क्रोध से भ्रम पैदा होता है, भ्रम से बुद्धि व्यग्र होती है और तर्क नष्ट हो जाता है। जब तर्क नष्ट होता है तो व्यक्ति का पतन हो जाता है।

2. नज़रिया भी बड़ी चीज़ है, जो व्यक्ति ज्ञान और कर्म को एक रूप में देखता है उसी का नज़रिया सही है।

3. मन पर नियंत्रण आवश्यक है। जिसका अपने मन पर नियंत्रण नहीं, उसका मन उसके लिए शत्रु बन जाता है।

4. समय समय पर खुद का आंकलन करते रहें। आत्मज्ञान की तलवार से अज्ञान को काटकर स्वयं को अनुशासित रखना जरूरी है।

5. मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है। जैसा मनुष्य का विश्वास होता है, वैसा ही वो भी बन जाता है।

6. हर कर्म का फल मिलता है। इस जीवन में न कुछ खोता है न व्यर्थ होता है। जो कर्म हमने किए हैं उनका फल अवश्यम्भावी है।

7. तनाव से मुक्ति आवश्यक है। व्यर्थ की सोच और नकारात्मकता को दूर कर तनाव से मुक्त रहना चाहिए।

8. वाणी पर संयम रखना बहुत जरूरी है। किसी के भी साथ कड़वा न बोलें, न ही किसी का दिल दुखाएं।