महात्मा विदुर के अनुसार इन 5 लोगों को कभी ना बनाए दोस्त

महाभारत के महत्वपूर्ण पात्रों में से एक विदुर के बारे में तो आपने पढ़ा या फिर सुना ही होगा. अगर नहीं तो बता दे कि विदुर पांडवों और कोरवों के चाचा थे. इसके अलावा वह राज्य के महामंत्री भी थे. दासी पुत्र महात्मा विदुर को उस समय के सबसे ज्ञानी व्यक्तियों में से एक माना जाता है. उन्होंने देश, काल और परिस्थिति के अनुसार कई कारगर सूत्र बताये थे. ‘विदुर नीति’ में इन सभी तरह के सूत्रों का संग्रह देखा जा सकता है. ऐसे में आज हम आपको विदुर द्वारा दोस्तों को लेकर बताए गए 5 सूत्रों के बारे में बताने जा रहे है, जिसके अनुसार मनुष्य को किन 5 लोगों से दोस्ती नहीं करना चाहिए.

अभिमान

विदुर के अनुसार जिस मनुष्य को अपने धन, रंग, रूप, काया और पद आदि का अभिमान होता है, ऐसे लोगों से हमें कभी भी दोस्ती नहीं करना चाहिए. क्यों कि ऐसे लोग हमेशा अपने से नीचे वर्ग के लोगों का मजाक उड़ाते है.

मूर्ख

ऐसे लोगों से कभी दोस्ती नहीं करना चाहिए जो मुर्ख हो. क्यों कि मुर्ख लोगों को अच्छे-बुरे, धर्म-अधर्म आदि का ज्ञान नहीं होता है. ऐसे में इन लोगों से दोस्ती के कारण आपको नुकसान झेलना पड़ सकता है.

क्रोधी

जिन लोगों को गुस्सा जल्दी आता है और जो बात-बात पर गुस्सा करता है, ऐसे लोगों से दोस्ती नहीं करना चाहिए. क्यों कि ऐसे लोगों के कई दुश्मन होते है. ऐसे लोगों से दोस्ती करने से मुसीबतें आती है.

साहसिक

ऐसे लोगों से भी दोस्ती नहीं करना चाहिए जिनको अपने साहस का घमंड हो और हमेशा बहादुरी दिखाने के लिए तत्पर रहता हो. क्यों कि ऐसे लोग किसी से भी झगड़ा कर सकते है और आप परेशानी में पड़ सकते हो.

धर्महीन

ऐसे लोग जो धर्म को नहीं मानते है और सिर्फ अधर्म की ही बातें करते है, उन लोगों से दोस्ती करना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है. क्यों कि ऐसे लोगों के साथ रहने से उनके गुण आपके अंदर भी आ सकते है.