पद्मावती को लेकर बढ़ा विवाद, सर काटने वाले को 5 करोड़ का इनाम

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘padmavati’ की रिलीज डेट जैसे-जैसे करीब आती जा रही है, वैसे-वैसे विवाद लगातार गहराता ही जा रहा है. फिल्म को लेकर राजपूत समाज में भारी गुस्सा है. राजपूत समाज ने धमकी दी है कि जो भी थिएटर का फिल्म प्रदर्शन करेगा, उसमे तोड़फोड़ और हिंसा की जाएगी. इसके अलावा उत्तर प्रदेश के एक राजपूत नेता ने एलन किया है कि जो भी शख्स संजय लीला भंसाली का सर काटकर लाएगा, उसे इनाम में 5 करोड़ रुपए दिए जाएंगे. वहीँ करणी सेना ने धमकी दी है कि यदि फिल्म का प्रदर्शन नहीं रोका गया तो अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के नाक-कान काट दिए जाएंगे.

 

 

उत्तर प्रदेश सरकार ने जताई चिंता


उधर इस फिल्म की रिलीज को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने भी चिंता व्यक्त की है. राज्य सरकार ने केंद्र को चिट्ठी लिखकर कहा है कि 1 दिसंबर को फिल्म रिलीज होने से शांति व्यवस्था को खतरा पैदा हो सकता है. सरकार का कहना है कि 1 दिसम्बर को प्रदेश में निकाय चुनाव की मतगणना और बारावफात का त्योहार है, ऐसे में उनके लिए कानून व्यवस्था को बनाए रखना मुश्किल हो सकता है. उत्तर प्रदेश सरकार के इस कदम के बाद यह फिल्म वहां रिलीज होगी या नहीं, इसको लेकर भी संस्पेंस बढ़ गया है.

 

 

भंसाली ने दी सफाई

गौरतलब है कि फिल्म के विरोध को देखते हुए फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली ने बीते दिनों एक विडियो जारी करते हुए कहा था कि इस फिल्म में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है. उन्होंने लोगों से बिना फिल्म देखे कोई भी अंदाजा नहीं लगाने की अपील की थी. इसके अलावा फिल्म की अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने भी फिल्म का सपोर्ट करते हुए कहा था कि इस फिल्म का विरोध करना पिछड़ेपन की निशानी है.

 

 

क्यों हो रहा है विरोध

लोगों का मानना है कि इस फिल्म में हमलावर अलाउद्दीन खिलजी का महिमामंडन किया गया है. उसके गलत कामों को भी बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है. इसके अलावा रानी पद्मिनी और खिलजी के बीच ड्रीम सीक्वेंस को भी फिल्माया गया, हालाँकि फिल्म से जुड़े लोगों ने ऐसे किसी भी सीन से इंकार किया है. इसके अलावा घूमर डांस को लेकर भी विरोध हो रहा है. राजपूत समाज का कहना है कि घुमर डांस कभी भी पुरुषों के सामने नहीं किया जाता है, लेकिन फिल्म में पुरुषों के सामने घुमर डांस दिखाकर राजपूत समाज की गलत छवि दिखाई गई है.