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शाम को नहीं लगाते झाड़ू, पुराने रीति-रिवाज और उनके वैज्ञानिक कारण

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हमारे घर में रहने वाले बड़े-बुज़ुर्ग अक्सर हमसे ऐसी बातें करते है, जिसे सुनकर हमें लगता है कि यह सब अन्धविश्वास है, हालाँकि ऐसा होता नहीं है. जैसे आपने अक्सर बड़े बुजुर्गों के मुंह से यह सुना होगा कि शाम को झाड़ू मत लगाओ, तुलसी को मत छूओ, आज गुरुवार है बाल मत कटवाओं या रात में नाख़ून नहीं काटते है. बता दे कि इन चीजों के पीछे अन्धविश्वास नहीं है, बल्कि इन चीजों के पीछे कई कारण है. आइये जानते है बड़े-बुज़ुर्ग ऐसा क्यों कहते है.

 

 

शाम को तुलसी नहीं छूते

घर के बड़े बुजुर्ग हमें शाम के वक़्त तुलसी को छूने या फिर उस पर जल चढ़ाने से मना करते है, इसके पीछे कारण यह शाम के समय तुलसी को छूने या फिर उस पर जल चढ़ाने से वह आपसे नाराज हो सकती है और लक्ष्मी जी की कृपा आप पर नहीं होती. इसके पीछे वैज्ञानिक कारण यह भी है कि पौधों के भी सोने और जागने का वक्त होता है. रात में पानी देने से पौधे की सेहत खराब हो सकती है और वो मुर्झा सकते हैं.

 

शाम को झाड़ू नहीं लगाते

कहा जाता है कि दिन ढलने के बाद घर में झाड़ू नहीं लगाना चाहिए क्यों कि शास्त्रों में कहा गया है कि शाम के वक्त झाड़ू लगाने से लक्ष्मी जी घर के बाहर चली जाती हैं. इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण भी है. दरअसल शाम को झाड़ू नहीं लगाने की परम्परा सदियों से चली आ रही है. जैसा कि हम जानते है पुराने ज़माने में बिजली नहीं होती थी. ऐसे में अंधेरे में झाडू लगाने से कई बार जरुरी चीजें भी कचरे के साथ बाहर चली जाती थी. इसलिए यह नियम बनाया गया.

 

 

गुरुवार को बाल नहीं कटवाते

हम में से कई लोग ऐसे होते है, जो गुरुवार को बाल और दाढ़ी नहीं कटवाते है. दरअसल गुरुवार को बृहस्पति यानी कि देवताओं के गुरु का दिन माना जाता है. मान्यता है कि बृहस्पति के कारक है. जो लोग गुरुवार को बाल कटाते हैं और शेविंग करते हैं, उनका भाग्य खराब हो जाता है.

 

रात में नहीं काटते नाखून

किसी बुजुर्ग के सामने रात को नाख़ून काटकर देखियें, वह आपको तुरंत टोक देंगे कि रात को नाख़ून नहीं काटते है. इसके पीछे धार्मिक कारण है कि रात में नाखून काटने से लक्ष्मी जी नाराज होती हैं, और धन की हानी होती है. वहीँ यह परम्परा भी पिछले काफी समय से चल रही है और पहले बिजली नहीं रहा करती थी और अंधेरे में नाखून काटना जोखिमभरा काम होता था.

 

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