Religious

रोजाना फॉलो करे यह आयुर्वेद के नियम, नहीं होंगे बीमार

fruits and vegetables shopping

Religious

आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी में लोगों के पास खुद के स्वास्थ्य का ध्यान रखने का भी समय नहीं होता है. आज हर 2 में से एक व्यक्ति किसी ना किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से परेशान है. ऐसे लोगों के लिए आयुर्वेद में कई ऐसे नियम बताए गए है जिनका रोज़ अनुसरण करके हम हेल्दी लाइफ जी सकते हैं. अगर हम रोजाना इन बातों को फॉलो करेंगे तो कई बिमारियों से बच सकते है. तो आइये जानते है उन आयुर्वेद के नियमों के बारे में जिनका हमें रोजाना अनुसरण करना चाहिए.

 

लंग्स फुलाकर लें सांस

स्वस्थ रहने के लिए हमें पूरे दिन भर लंग्स फुलाकर सांस लेना चाहिए. ऐसा करने से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढती है और लंग्स हेल्दी बनते है.

 

गुनगुना पानी पिएं

गुनगुना पानी पीना स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होता है. इसलिए हमें रोजाना एक या दो गिलास गुनगुना पानी पीना चाहिए. ऐसा करने से डाइजेशन सुधरेगा और हार्ट डिजीज का खतरा कम होगा.

 

समय पर हो नाश्ता और खाना

स्वस्थ रहने के लिए नाश्ता और खाना समय पर कर लेना चाहिए. हमें सुबह 7 से 9 बजे के बीच नाश्ता कर लेना चाहिए. इससे ब्रेन एक्टिव रहेगा और एनर्जी लेवल बना रहेगा. इसके अलावा खाना भी सही समय पर खाना खाएं. खाने में एक बार में एक ही तरह की चीज़ लें. कई चीज़ें मिक्स करके नहीं खाएं.

 

खाने के बाद ना करे यह काम

स्वस्थ रहने के लिए जरुरी है कि खाना खाने के बाद लगभग 40 मिनट तक पानी न पिएं. इससे खाने का डाइजेशन सही तरह से होता है. इसके अलावा खाना खाने के तुरंत बाद मेहनत का काम और नहाना न करें.

 

धूप में बिताए समय

 

आयुर्वेद के नियमों के अनुसार स्वस्थ रहने के लिए हमें रोजाना 30 मिनट धुप में बिताना चाहिए. इससे आपको विटामिन डी मिलेगा. साथ ही दर्द खत्म होगा, ब्लॉक हटेंगे.

 

पर्याप्त नींद ले

अच्छे स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत जरुरी है. हमें रोज़ाना 8 से 9 घंटे की नींद जरूर लेना चाहिए. जहाँ हम सोते हो वहां हवा के लिए सही वेंटिलेशन हो या एग्जॉस्ट फेन का यूज़ कर सकते हैं.

 

चबाकर खाएं भोजन

हमें हमेशा भोजन चबाकर खाना चाहिए. आयुर्वेद में कहा गया है कि भोजन के एक कौर को 36 बार चबाना चाहिए.

 

पढ़िए और भी मजेदार खबरें

रोजाना शरीर की ये 5 जगह दबाने से तेजी से घटेगा वजन

एड्स का इतिहास- जानिए कब, कहां और कैसे अस्तित्व में आई यह बीमारी

जानिए, आखिर क्यों होता हैं दवाइयों के पत्तो पर खाली स्थान