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बसंत पंचमी के दिन भूलकर भी नहीं करना चाहिए यह काम

हिंदू पंचाग के अनुसार हर वर्ष माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विद्या और बुद्धि की देवी माता सरस्वती की आराधना का दिन होता है. इसी उपासना के दिन को बसंत पंचमी कहा जाता है. इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है. हिंदू परंपरा में ऐसी मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन छोटे बच्चों को शिक्षा देने की शुरुआत की जाती है. इसी के साथ बसंत पंचमी के दिन छह माह तक के बच्चे को पहली बार अन्न भी खिलाया जाता है. इस दिन पितृ तर्पण किया जाता है और कामदेव की पूजा भी की जाती है. आइए जानते हैं इस दिन कौन से काम वर्जित हैं.

संत पंचमी काले और लाल रंग के वस्त्र धारण नहीं करना चाहिए. बसंत पंचमी के दिन पीले, सफेद या धानी रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए.

बसंत पंचमी का त्योहार प्रकृति और हरियाली का त्योहार है. इसलिए आज के दिन फसल काटने का काम नहीं करना चाहिए और न ही किसी पेड़ की छंटाई करनी चाहिए. हो सके तो वृक्षारोपण करें.

बसंत पंचमी के दिन सरस्वती की पूजा की जाती है. इसलिए आज के दिन भूलकर भी किसी को अपशब्द न कहें. माना जाता है कि आज के दिन सरस्वती जुबान पर होती हैं. इसलिए अपनी वाणी पर संयम रखें और गुस्सा ना करें. सबके साथ मधुरता का व्यवहार करें. आज के दिन किसी के लिए बुरी बातें बोलने से वह सच साबित हो सकती है.

इस दिन पितृ तर्पण भी किया जाता है इसलिए घर में भूलकर भी कलह नहीं करनी चाहिए. इससे पितरों को कष्ट होता है.

बसंत पंचमी के दिन बिना स्नान किए अन्न का ग्रहण नहीं करना चाहिए. पहले सरस्वती वंदना करें और मां सरस्वती को भोग लगाएं.
बसंत पंचमी के दिन मांसाहार और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए. बसंत पंचमी के दिन सिर्फ सात्विक भोजन करना चाहिए. आज खीर जरूर बनायें और खाएं व घर को सुगन्धित बनाये रखें.

बसंत पंचमी के दिन पुखराज और मोती धारण करना लाभकारी होता है. आज के दिन स्फटिक की माला को अभिमंत्रित करके धारण करना भी श्रेष्ठ परिणाम देगा.