शोले की कहानी में हो जाता बदलाव, आखिर में नहीं मरता जय

आपको रमेश सिप्पी की फिल्म शोले तो याद होगी, फिल्म को 40 साल हो गए हैं लेकिन आज भी कभी जब टीवी पर यह फिल्म आती हैं तो दर्शको का जमावड़ा लग जाता हैं. लेखक सलीम-जावेद की जोड़ी द्वारा लिखे गए एक एक संवाद लोगो के जुबान पर चढे हुए हैं. वहीं इस फिल्म के किरदारों ने भी काफी लोकप्रियता हांसिल की, फिल्म के कुछ किरदार तो अमर हो गए, जिंसमे डाकू गब्बर सिंह, बसंती, जय, वीरू, और ठाकुर साहब शामिली हैं. यह एक बडे बजट की फिल्म थी जो की काफी भव्य तरीके से रिलीज हुई थी लेकिन फिल्म अपने पहले दिन कुछ खास नहीं कर सकी थी. फिर जानिये आखिर यह फिल्म हिंदी सीने जगत के इतिहास में इतनी लोकप्रिय कैसे हुई और साथ ही में इससे जुडा एक अनुसुना किस्सा.

फिल्म शोले की कहानी में होने वाला था परिवर्तन

दरअसल रमेश सिप्पी की फिल्म शोले जोकि एक बड़ी स्टारकास्ट के साथ में बनकर तैयार हुई थी वह शुक्रवार को रिलीजी के लिए तैयार हुई. फिल्म की सही तरह से एडिटिंग हुई, गाने भी फिल्म में काफी अच्छे थे और साथ ही में फिल्म के कलाकार भी काफी उम्दा थे बावजूद इसके फिल्म पहले दिन दर्शको को पसंद नहीं आई. फिल्म के पहले दिन के कलेक्शन को देखकर फिल्म के निर्माता ने कहा हमने इस फिल्म के एंड में जय यानि अमिताभ बच्चन के मरने का सीन डाला हैं जो कि दर्शाको को पसंद नहीं आया इसी के चलते फिल्म नहीं चल रही. यह बात सुनते ही फिल्म के लेखक सलीम-जावेद फिल्म के लिए नया क्लाइमेक्स लिखने लगे.

 

सलीम-जावेद ने दी दो दिन रुकने की सलाह

 

फिल्म के लेखक सलीम जावेद थे उन्हें अपनी कहानी पर पूरा भरोसा था, इसके साथ ही वे फिल्म के निर्माता को भी निराश नहीं करना चहाते थे. ऐसे में सलीम जावेद ने फिल्म का नया क्लाइमेक्स लिखा,जिसके अनुसार जय की आखिर में मौत नहीं होती. लेकिन सलीम जावेद ने फिल्म के निर्माता से 2 दिन का इन्तजार करने को कहा , उन्होंने कहा कि हम दो दिन और देखते हैं अगर फिर भी फिल्म देखने के लिए दर्शक नहीं आते तो हम नए कलाइमेक्स के साथ में फिल्म की शूटिंग करेंगे और उसे फिल्म के साथ जोड़ देंगे. फिल्ममेकर्स को भी अपने लेखको की ये बात जच गई और वे फिल्म को मिलने वाले रिस्पोंस का इन्तजार करने लगे, और कुछ ही दिनों में फिल्म ने रफातर पकड़ ली और फिल्म हिट साबित हुई.