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घट सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, यें हैं तरीका

पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक बार फिर एक नए रिकॉर्ड स्तर पर आ गई हैं. जहां राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 80.रुपये और डीजल 72 रुपये से अधिक में बिक रहा है,वहीं अन्य राज्यों में इनके दाम और अधिक हैं. इसके पीछे का कारण दिल्ली में टैक्स कम होना हैं. दरअसल दिल्ली में टैक्स कम होने की वजह से तेल की कीमत मेट्रो शहरों और कई अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है. अगर बात करें पेट्रोल और डीजल की बढती कीमतों की तो पिछले 4 साल में पेट्रो प्रॉडक्ट पर एक्साइज ड्यूटी लगभग दोगुनी से भी ज्यादा बढ़ चुकी हैं. अगर आंकड़ो की बात करें तो 2014-15 में यह एक्साइज ड्यूटी 99,184 करोड़ रुपये थी, जो की साल 2017-18 में 2,29,019 करोड़ रुपये हो गई. इसी के साथ ही राज्यों के VAT टैक्स की कमाई भी दो गुना बढ़ी है. लेकिन अगर भारत सरकार चाहे तो अपनी कुछ नीतियों में बदलाव करके पेट्रोल और डीजल की बढती कीमतों को कम कर सकती है.

कैसे हो कीमत कम


सरकार चाहे तो पेट्रोल और डीजल को GST दायरे में ला सकती हैं. क्योकि GST में 28 फीसदी टैक्स स्लैब सबसे ज्यादा है. अगर सरकार पेट्रोल और डीजल पर टैक्स स्लैब 40 प्रतिशत भी रखती हैं तो भी पेट्रोल और डीजल की कमातों में कमी हो सकती हैं. इसके साथ ही क्रूड पर डिस्काउंट भी एक अच्छा विकल्प हैं. दरअसल OPEC विदेशों के मुकाबले भारत समेत एशियाई देशों को ज्यादा कीमतों पर तेल बेचता हैं. अगर सरकार दूसरे देशों से संपर्क करे और OPEC पर दबाव बनाने के लिए प्रयासा करें तो भी पेट्रोल और डीजल के दाम कम हो सकते हैं.

सरकार के प्रयास


हालाँकि इस मुद्दे पर सरकार भी अपनी तरह से पुरजोर प्रयास कर रही हैं, जिसमे हाल ही में भारत सरकार की ओर से OPEC पर दबाव बनाने के लिए अन्य देशों से संपर्क किया गया हैं. अगर OPEC पर अन्य देशों का दबाव बनता हैं तो वह पश्चिमी देशों की तरह भारत को भी कम दाम पर तेल बेंचेगी. इस तरह से पेट्रोल और डीजल के बड़ते दामों पर लगाम लगेगी.