क्या आपको पता है कि जुड़वा बच्चे क्यों होते है, जानिए जरुर

संसार की सबसे बड़ी ख़ुशी यह होती की घर में कोई नया मेहमान आ जाये अब आप सोच रहे होंगे की नए मेहमान आने इतनी ख़ुशी क्यों होगी ? लेकिन भाई साहब हम नए मेहमान कोई बाहर नहीं बल्कि घर का ही एक मेम्बर बढ़ जाता है. मतलब आपके घर में नन्हा मेहमान आ जाये तो परिवार वालों की खुशियां दोगुनी हो जाती है. और यदि जुड़वां बच्चे हो जाये तो ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं होता है लेकिन आपने कभी सोचा है कि किसी-किसी महिलाओं को जुड़वां बच्चे क्यों होते है ? इस बात का सवाल आपको शायद अभी तक नहीं मिला होगा लेकिन आज हम आपको इस बात का सवाल का जबाव बताने जा रहे है.

 

जुड़वा बच्चे भी 2 तरह के होते हैं

डॉक्टरों के अनुसार जुड़वा बच्चे दो प्रकार के होते है- 1. मैनोज़ाइगॉटिक व 2. डायज़ाइगॉटिक. वैसे बच्चे तो एक साथ होते है लेकिन बच्चे जन्म लेने के बाद अलग-अलग दिखने लगते है. वो मैनोज़ाइगॉटिक कहलाते हैं. यदि दोनों बच्चे एक जैसे दीखते है तो वो मैनोज़ाइगॉटिक कहलाते हैं. मैनोज़ाइगॉटिक का निर्माण होने के पीछे की क्रिया जानने के बाद पता चलता है कि जब एक अंडाणु से किसी स्पर्म को फर्टिलाइज़ किया जाता है पर 2 भ्रूण का निर्माण होता है. इस प्रकार जन्म लेने वाले बच्चे का चेहरा तो अलग पर पर आनुवांशिकता लगभग समान होती है. जब 2 अंडाणु द्वारा 2 स्पर्म को फर्टिलाइज किया जाता है. समान समय में भ्रूण निर्माण के बाद 2 एकसमान दिखने वाले बच्चे पैदा होते हैं.

 

इस कारण भी होते है जुड़वा बच्चे

जेनेटिक्स- यदि आपके खानदान और परिवारों में पहले भी जुड़वा बच्चों ने जन्म लिया है तो इस बात की संभावना और अधिक बढ़ जाती है. यह कुछ हद तक संभव हो जाता है. यदि आपके भाई-बहन भी जुड़वा है तो आपकी पत्नी जुड़वा बच्चे की मां बन सकती है और इसका चांस भी जाता होता है.

 

अभी भी अगर आपके मन मे कोई आशंका बनी हो तो नीचे दिए गए वीडियो में और भी कई उपाय दिए गए हैं, जरूर देखें

 

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